ब्रेकिंग
क़तर के रास लफ़ान में धमाका: 12 भारतीयों की मौत, जयशंकर बोले- दूतावास मदद में जुटालखनऊ अग्निकांड: एनिमेशन सेंटर में आग से 15 की मौत, 4 गिरफ्तार, SIT जांचफिरोजाबाद: मोहन भागवत जिस ट्रेन में सवार थे, उस पर पथराव; संघ प्रमुख सुरक्षितअमेरिका-ईरान तनाव में राहत के संकेत: तेहरान पर हमला टला, 'समझौते' का दावाअमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा: ओमान के पास हमले की रिपोर्ट, भारतीय नाविकों पर चिंताTMC में बगावत गहराई: कल्याण बनर्जी के तीखे तेवर, ममता को लगातार झटकेक़तर के रास लफ़ान में धमाका: 12 भारतीयों की मौत, जयशंकर बोले- दूतावास मदद में जुटालखनऊ अग्निकांड: एनिमेशन सेंटर में आग से 15 की मौत, 4 गिरफ्तार, SIT जांचफिरोजाबाद: मोहन भागवत जिस ट्रेन में सवार थे, उस पर पथराव; संघ प्रमुख सुरक्षितअमेरिका-ईरान तनाव में राहत के संकेत: तेहरान पर हमला टला, 'समझौते' का दावाअमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा: ओमान के पास हमले की रिपोर्ट, भारतीय नाविकों पर चिंताTMC में बगावत गहराई: कल्याण बनर्जी के तीखे तेवर, ममता को लगातार झटके
राजनीति

उद्धव को बड़ा झटका: शिवसेना (UBT) के 6 बागी सांसद शिंदे गुट में शामिल

शिवसेना (UBT) के छह बागी लोकसभा सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए। उद्धव ठाकरे की लोकसभा में ताकत घटकर सिर्फ़ तीन सांसद रह गई।

उद्धव को बड़ा झटका: शिवसेना (UBT) के 6 बागी सांसद शिंदे गुट में शामिल
मुंबई:

महाराष्ट्र की सियासत में एक और दीवार दरकी है — और इस बार चोट सीधे उद्धव ठाकरे पर पड़ी है।

शिवसेना (UBT) के छह बागी लोकसभा सांसद मुंबई में एक साझा प्रेस कॉन्फ़्रेंस में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए। बताया जा रहा है कि ये छह सांसद UBT के संसदीय दल के दो-तिहाई हिस्से के बराबर हैं — और यही आँकड़ा अहम है, क्योंकि इस सीमा को पार करने पर दलबदल विरोधी क़ानून की पकड़ से बच निकलने का रास्ता खुल जाता है।

**असर क्या।** इस टूट के बाद लोकसभा में उद्धव ठाकरे के पास सिर्फ़ तीन सांसद रह गए हैं। दूसरी ओर शिंदे गुट की ताक़त सात से बढ़कर तेरह सांसदों की हो गई बताई जा रही है। यानी एक झटके में पलड़ा साफ़ तौर पर शिंदे खेमे की ओर झुक गया।

बाहर जाने वाले सांसदों का कहना है कि UBT बाल ठाकरे की विचारधारा से भटक गई थी। यह घटनाक्रम 2022 की शिवसेना टूट के बाद उद्धव के लिए सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है।

**आगे क्या।** यह सिर्फ़ संख्या का खेल नहीं — यह नाम, निशान और विरासत की लड़ाई का अगला अध्याय है। हर दलबदल के साथ यह सवाल और तीखा होता जाता है कि "असली शिवसेना" किसकी? जवाब अदालतों, चुनाव आयोग और आख़िरकार मतदाता की मेज़ पर तय होगा। फ़िलहाल उद्धव ठाकरे के सामने अपने कुनबे को समेटे रखने की कड़ी परीक्षा है।

(फोटो साभार: विकिमीडिया कॉमन्स)

शेयर करें:WhatsAppXFacebook

टिप्पणियाँ

सबसे पहले अपनी राय दें।