क़तर के रास लफ़ान में धमाका: 12 भारतीयों की मौत, जयशंकर बोले- दूतावास मदद में जुटा
क़तर के रास लफ़ान औद्योगिक क्षेत्र में गैस प्लांट धमाके में 13 लोगों की मौत, जिनमें 12 भारतीय। विदेश मंत्री जयशंकर ने दुख जताया; दूतावास पीड़ित परिवारों की मदद में।

खाड़ी में रोज़ी कमाने गए भारतीय परिवारों के लिए एक मनहूस खबर आई है। क़तर के रास लफ़ान औद्योगिक क्षेत्र में हुए एक धमाके में कम से कम 13 लोगों की जान चली गई — और इनमें 12 भारतीय नागरिक हैं।
**क्या हुआ।** हादसा रास लफ़ान स्थित एक गैस प्रोसेसिंग प्लांट में हुआ, जहाँ बंद पड़े उत्पादन को दोबारा शुरू करने का काम चल रहा था। धमाके में 66 लोग घायल भी बताए जा रहे हैं। मरने वालों में तीन तमिलनाडु के निवासी हैं; मृतकों में एक पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल है।
**वजह।** क़तर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी के मुताबिक यह एक तकनीकी हादसा था; उन्होंने किसी साज़िश (तोड़फोड़) से इनकार किया है।
**भारत का रुख़।** विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गहरा दुख जताते हुए कहा कि रास लफ़ान के धमाके में भारतीय नागरिकों समेत लोगों की मौत और घायल होने से वे बेहद आहत हैं। उन्होंने बताया कि दोहा स्थित भारतीय दूतावास क़तर के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और प्रभावित भारतीय परिवारों तक हरसंभव मदद पहुँचाई जा रही है। "हमारी संवेदनाएँ पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं," उन्होंने कहा।
**इसका मतलब।** खाड़ी देशों में लाखों भारतीय काम करते हैं, और उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा घर भेजा जाता है। ऐसे हादसे याद दिलाते हैं कि परदेस में मेहनत करते इन हाथों की सुरक्षा कितनी अहम है। फ़िलहाल सबसे ज़रूरी है — पीड़ित परिवारों तक मदद और अपनों के पार्थिव शरीर समय पर पहुँचाना। दूतावास इसी काम में जुटा है।
(फोटो साभार: विकिमीडिया कॉमन्स)
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