अमेरिका-ईरान: 60 दिन की बातचीत शुरू, ट्रंप बोले- 'ताक़त की स्थिति से'
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समझौते के लिए 60 दिन की बातचीत का दौर शुरू। नौसैनिक नाकेबंदी हटी; ट्रंप का दावा- ईरान परमाणु हथियार नहीं रखेगा।

समझिए, खाड़ी का तनाव किस मोड़ पर है। अमेरिका और ईरान के बीच एक लंबे समझौते के लिए 60 दिन की बातचीत का दौर शुरू हुआ है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका यह बातचीत "पूरी ताक़त की स्थिति" से कर रहा है। उनके मुताबिक ईरान "बहुत बुरी तरह समझौता चाहता है," और तेहरान को परमाणु हथियार नहीं रखने दिया जाएगा — "वे परमाणु हथियार नहीं रखेंगे, इस पर वे राज़ी हो चुके हैं।"
**ज़मीन पर क्या बदला।** अमेरिका ने ईरान पर लगाई नौसैनिक नाकेबंदी हटा ली है, हालाँकि ट्रंप ने जोड़ा कि ज़रूरत पड़ी तो इसे दोबारा लगाया जा सकता है, इसलिए जहाज़ अपनी जगह बने हुए हैं। दोनों पक्षों के बीच एक समझौता-ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर भी हुए हैं।
पृष्ठभूमि यह है कि 2026 की शुरुआत में छिड़े टकराव ने पश्चिम एशिया को हिला रखा है, और हॉर्मुज़ जलसंधि से जहाज़ों की आवाजाही बार-बार सुर्ख़ियों में रही है।
**भारत के लिए मायने।** भारत अपना बड़ा हिस्सा कच्चा तेल इसी इलाक़े से मँगाता है, और खाड़ी में लाखों भारतीय काम करते हैं। तनाव में हर नरमी का सीधा असर तेल की कीमत और वहाँ बसे भारतीय परिवारों की सुरक्षा पर पड़ता है।
**आगे क्या।** 60 दिन की यह खिड़की तय करेगी कि बात समझौते तक पहुँचती है या फिर तनाव लौटता है। कागज़ पर भरोसा आसान है; असली परीक्षा अमल की होगी।
(फोटो साभार: विकिमीडिया कॉमन्स)
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