ब्रेकिंग
क़तर के रास लफ़ान में धमाका: 12 भारतीयों की मौत, जयशंकर बोले- दूतावास मदद में जुटालखनऊ अग्निकांड: एनिमेशन सेंटर में आग से 15 की मौत, 4 गिरफ्तार, SIT जांचफिरोजाबाद: मोहन भागवत जिस ट्रेन में सवार थे, उस पर पथराव; संघ प्रमुख सुरक्षितअमेरिका-ईरान तनाव में राहत के संकेत: तेहरान पर हमला टला, 'समझौते' का दावाअमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा: ओमान के पास हमले की रिपोर्ट, भारतीय नाविकों पर चिंताTMC में बगावत गहराई: कल्याण बनर्जी के तीखे तेवर, ममता को लगातार झटकेक़तर के रास लफ़ान में धमाका: 12 भारतीयों की मौत, जयशंकर बोले- दूतावास मदद में जुटालखनऊ अग्निकांड: एनिमेशन सेंटर में आग से 15 की मौत, 4 गिरफ्तार, SIT जांचफिरोजाबाद: मोहन भागवत जिस ट्रेन में सवार थे, उस पर पथराव; संघ प्रमुख सुरक्षितअमेरिका-ईरान तनाव में राहत के संकेत: तेहरान पर हमला टला, 'समझौते' का दावाअमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा: ओमान के पास हमले की रिपोर्ट, भारतीय नाविकों पर चिंताTMC में बगावत गहराई: कल्याण बनर्जी के तीखे तेवर, ममता को लगातार झटके
विदेश

ब्रिटेन का अगला PM कौन? रेस में सबसे आगे एंडी बर्नहम — जानिए कौन हैं वे

कीर स्टार्मर के इस्तीफ़े के बाद ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री की दौड़ में एंडी बर्नहम सबसे आगे। मैनचेस्टर के लोकप्रिय पूर्व मेयर; दस साल में देश को सातवाँ PM मिलने के आसार।

ब्रिटेन का अगला PM कौन? रेस में सबसे आगे एंडी बर्नहम — जानिए कौन हैं वे
लंदन:

समझिए, ब्रिटेन की राजनीति में अगला अध्याय किसके नाम लिखा जा सकता है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के इस्तीफ़े के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है — गद्दी किसे मिलेगी? और इस दौड़ में सबसे आगे एक नाम है: एंडी बर्नहम।

**कौन हैं बर्नहम।** बर्नहम लेबर पार्टी के जाने-पहचाने चेहरे और मैनचेस्टर के लोकप्रिय पूर्व मेयर हैं। ज़मीनी मुद्दों पर पकड़ और सीधी छवि के चलते उन्हें पार्टी के भीतर व्यापक समर्थन हासिल माना जाता है।

**संसद तक का रास्ता।** हाल ही में बर्नहम ने मैकरफ़ील्ड (मैनचेस्टर उपनगर) की एक संसदीय उपचुनाव सीट बड़े अंतर से जीती, जिससे उनके संसद में पहुँचने का रास्ता साफ़ हुआ — नेतृत्व की दौड़ के लिए यह एक ज़रूरी पड़ाव था।

**आगे की प्रक्रिया।** लेबर पार्टी के नए नेता के लिए नामांकन 9 जुलाई से खुलेंगे और 16 जुलाई तक पूरे होंगे, ताकि सितंबर में संसद लौटने से पहले नया नेतृत्व अपनी जगह ले ले। अगर बर्नहम चुने जाते हैं, तो वे दस साल में ब्रिटेन के सातवें प्रधानमंत्री होंगे — सत्ता बदलने की यह रफ़्तार ख़ुद में एक कहानी है।

**भारत के लिए।** डाउनिंग स्ट्रीट का अगला चेहरा भारत-ब्रिटेन व्यापार, वीज़ा और प्रवासी समुदाय से जुड़े मुद्दों की दिशा तय करेगा। इसलिए नई दिल्ली की नज़र भी इस दौड़ पर टिकी रहेगी।

(फोटो साभार: विकिमीडिया कॉमन्स)

शेयर करें:WhatsAppXFacebook

टिप्पणियाँ

सबसे पहले अपनी राय दें।