ग्रेटर नोएडा: निर्माणाधीन इमारत की 37वीं मंजिल से गिरकर दो मज़दूरों की मौत
ग्रेटर नोएडा में एक निर्माणाधीन इमारत की 37वीं मंजिल से गिरकर दो मज़दूरों की मौत हो गई। हादसे ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा के इंतज़ाम पर फिर सवाल खड़े किए हैं।
एक ऊँची इमारत की 37वीं मंजिल। और नीचे — दो परिवार, जिनका कमाने वाला अब लौटकर नहीं आएगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ग्रेटर नोएडा में एक निर्माणाधीन इमारत की 37वीं मंजिल से गिरकर दो मज़दूरों की मौत हो गई। हादसे की जांच की जा रही है।
ऊँची इमारतें शहर की चमक हैं, पर उन्हें खड़ा करने वाले मज़दूर अक्सर सबसे कम सुरक्षा में काम करते हैं। सुरक्षा जाल, हार्नेस, हेलमेट और प्रशिक्षण — ये कोई औपचारिकता नहीं, ज़िंदगी और मौत का फ़र्क़ हैं।
सवाल सिर्फ़ एक हादसे का नहीं है। सवाल उस व्यवस्था का है, जहाँ तेज़ी से इमारत खड़ी करने के दबाव में सुरक्षा अक्सर सबसे पहले समझौता कर बैठती है।
निर्माण कंपनियों और प्रशासन की ज़िम्मेदारी है कि हर साइट पर सुरक्षा मानक सिर्फ़ काग़ज़ पर नहीं, ज़मीन पर लागू हों — और उल्लंघन पर सख़्त कार्रवाई हो।
हर ऐसी मौत एक चेतावनी है। जब तक मज़दूर की जान को इमारत की रफ़्तार से ज़्यादा क़ीमती नहीं माना जाएगा, ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे।
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