संपादकीय नीति
अंतिम अपडेट: 8 नवंबर 2026
यह अलीगढ़ टाइम्स (Aligarh Times) की संपादकीय नीति है। इसमें लिखा है कि हम खबरें कैसे जांचते हैं, किस स्रोत पर भरोसा करते हैं, AI और तस्वीरों का उपयोग कैसे करते हैं और संवेदनशील खबरों में क्या ध्यान रखते हैं। इस नीति पर सवाल हो तो editor@aligarhtimes.com पर लिखें।
हमारे सिद्धांत
- सटीकता (accuracy): हम वही लिखते हैं जो स्रोत से पुष्ट हो। अधूरी जानकारी को पूरी बताकर नहीं छापते।
- निष्पक्षता (fairness): खबर में जिस पर आरोप है या जिसके खिलाफ़ बात हो रही है, उसका पक्ष लेने का मौका देने की कोशिश करते हैं।
- स्वतंत्रता (independence): खबर का फैसला संपादक करते हैं। कोई विज्ञापनदाता, नेता या संस्था इसमें दखल नहीं दे सकती।
- जवाबदेही (accountability): गलती होने पर हम उसे मानते हैं और खबर में सुधार दर्ज करते हैं।
सत्यापन कैसे करते हैं
खबर छापने से पहले हम उसके तथ्य जांचते हैं। इसके नियम सरल हैं:
- आधिकारिक दस्तावेज़ सबसे पहला आधार होते हैं: प्रेस विज्ञप्ति, सरकारी आदेश, अधिसूचना, अदालत या पुलिस का बयान।
- जो दावा किसी आधिकारिक दस्तावेज़ से न हो, उसके लिए दो स्वतंत्र स्रोत चाहिए।
- स्रोत का नाम लिखा जाता है।
- गुमनाम स्रोत तभी लिया जाता है जब इसका ठोस कारण हो। ऐसे स्रोत की पहचान प्रधान संपादक को पता होती है।
- हर आंकड़ा, नाम, तारीख और उद्धरण (quote) प्रकाशन से पहले स्रोत से मिलाया जाता है।
- कोई बात पक्की न हो सके, तो खबर में साफ़ लिखा जाता है कि क्या पुष्ट नहीं हो सका।
स्रोत का उल्लेख
हर खबर के अंत में उसका स्रोत लिखा जाता है। जहां संभव हो, स्रोत का लिंक भी दिया जाता है।
- किसी दूसरे मीडिया संस्थान की रिपोर्टिंग का इस्तेमाल करें तो उस संस्थान का नाम लिखा जाता है।
- दूसरे की खबर को अपनी जांच बताकर पेश नहीं करते।
AI का उपयोग
हम AI टूल का उपयोग सीमित और साफ़ नियमों के साथ करते हैं।
- AI टूल आधिकारिक स्रोतों से पहला मसौदा (draft) बनाने में, या किसी लंबे दस्तावेज़ का सारांश बनाने में मदद कर सकता है।
- संपादक हर मसौदा पूरा पढ़ता है और हर तथ्य, आंकड़े, नाम और उद्धरण स्रोत से मिलाता है।
- AI कभी उद्धरण, आंकड़े या घटनाएं नहीं गढ़ सकता। ऐसा पाए जाने पर वह खबर नहीं छपती।
- AI का कोई भी आउटपुट मानवीय संपादन और प्रधान संपादक की मंज़ूरी के बिना प्रकाशित नहीं होता।
- AI से बनी तस्वीर को असली फ़ोटो बनाकर नहीं दिखाते। अगर कभी कोई चित्रण (illustration) AI से बना होगा, तो उस पर साफ़ लिखा जाएगा कि वह AI से बना है।
डेस्क और बायलाइन
अलीगढ़ टाइम्स की खबरों पर किसी रिपोर्टर का नाम नहीं छपता। हर खबर किसी डेस्क के नाम से छपती है, जैसे अलीगढ़ डेस्क, उत्तर प्रदेश डेस्क, राजनीति डेस्क या रोज़गार-शिक्षा डेस्क। डेस्क का नाम बताता है कि खबर किस विषय की है।
जवाबदेही डेस्क के नाम पर नहीं, संपादक की मंज़ूरी पर टिकी है। हर खबर प्रकाशन से पहले प्रधान संपादक जल्द जोड़ा जाएगा पढ़ते और मंज़ूर करते हैं। गलती हो तो सुधार उसी खबर में दर्ज होता है।
संवेदनशील खबरें
कुछ खबरों में लोगों की ज़िंदगी और इज़्ज़त दांव पर होती है। ऐसी खबरों में हम ये नियम मानते हैं:
- यौन अपराध की पीड़िता का नाम, फ़ोटो या कोई भी पहचान बताने वाली जानकारी नहीं छापते। यह भारतीय न्याय संहिता की धारा 72 के तहत भी ज़रूरी है।
- बच्चा पीड़ित हो तो उसकी पहचान नहीं छापते। यह POCSO अधिनियम की धारा 23 के तहत ज़रूरी है।
- आरोपी को दोषी नहीं लिखते। अदालत का फैसला आने से पहले वह “आरोपी” रहता है, “अपराधी” नहीं।
- आत्महत्या की खबर में तरीके का ब्योरा नहीं देते। साथ में मदद के लिए Tele-MANAS की हेल्पलाइन 14416 का ज़िक्र करते हैं।
- जाति या धर्म से जुड़ी खबरें इस तरह लिखते हैं कि तनाव न भड़के।
- मृत या घायल लोगों की विचलित करने वाली तस्वीरें नहीं छापते।
तस्वीरें
हम वही तस्वीरें इस्तेमाल करते हैं जिनका उपयोग करने का अधिकार हमारे पास हो:
- मुक्त लाइसेंस वाली तस्वीरें, जैसे Wikimedia Commons की तस्वीरें, जिनके साथ उनका श्रेय (credit) दिया जाता है।
- आधिकारिक प्रेस तस्वीरें (official handout) या हमारी अपनी तस्वीरें।
- किसी एजेंसी या दूसरे मीडिया संस्थान की कॉपीराइट तस्वीर उनकी अनुमति के बिना नहीं लेते।
- हर तस्वीर पर फ़ोटो का श्रेय लिखा जाता है।
राय और विश्लेषण
- राय और विश्लेषण वाले लेख पर साफ़ लेबल होता है: “राय” या “विश्लेषण”।
- समाचार रिपोर्ट और राय को अलग रखते हैं। समाचार में लेखक की अपनी राय नहीं डाली जाती।
- राजनीतिक विवाद की खबर में हम विभिन्न पक्षों का मत रखने की कोशिश करते हैं।
विज्ञापन और संपादकीय स्वतंत्रता
- कोई विज्ञापनदाता या प्रायोजक यह तय नहीं करता कि हम क्या छापें या क्या न छापें।
- प्रायोजित सामग्री छपे तो उस पर साफ़ लिखा होगा “प्रायोजित”।
- हमारे स्टाफ़ किसी खबर को छापने या रोकने के बदले कोई उपहार या पैसा नहीं लेते।
- हितों का टकराव (conflict of interest) हो तो उसे खुलकर बताया जाता है।
गलतियाँ और सुधार
गलती होने पर हम उसे सुधारते हैं और खबर में दर्ज करते हैं कि क्या बदला गया। सुधार की प्रक्रिया के लिए सुधार नीति देखें। किसी खबर पर औपचारिक शिकायत के लिए शिकायत निवारण पेज देखें।