आरतीभगवान विष्णु (जगदीश)

ॐ जय जगदीश हरे आरती

ॐ जय जगदीश हरे भारत की सबसे प्रसिद्ध आरती है, जो किसी भी देवी-देवता की पूजा के अंत में गाई जाती है। इसकी रचना पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी ने की थी। नीचे संपूर्ण आरती हिंदी में दी गई है।

ॐ जय जगदीश हरे आरती — संपूर्ण पाठ

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥ ॐ जय जगदीश हरे॥

1

जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का। स्वामी दुख बिनसे मन का। सुख संपति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय जगदीश हरे॥

2

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी। स्वामी शरण गहूँ मैं किसकी। तुम बिनु और न दूजा, आस करूँ मैं जिसकी॥ ॐ जय जगदीश हरे॥

3

तुम पूरण परमात्मा, तुम अंतरयामी। स्वामी तुम अंतरयामी। पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय जगदीश हरे॥

4

तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता। स्वामी तुम पालनकर्ता। मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय जगदीश हरे॥

5

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति। स्वामी सबके प्राणपति। किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय जगदीश हरे॥

6

दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे। स्वामी तुम ठाकुर मेरे। अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय जगदीश हरे॥

7

विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा। स्वामी पाप हरो देवा। श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय जगदीश हरे॥

अर्थ और महत्व

इस आरती में भक्त ईश्वर को जगत का स्वामी मानकर अपने सुख-दुख, पाप और संकट दूर करने की प्रार्थना करता है। यह किसी विशेष देवता की नहीं, बल्कि सर्वव्यापी परमात्मा की स्तुति है, इसलिए इसे हर पूजा के अंत में गाया जाता है।

आरती के लाभ

  • हर पूजा/आरती के समापन के लिए उपयुक्त
  • मन में श्रद्धा, समर्पण और शांति का भाव
  • सकारात्मक ऊर्जा और भक्ति में वृद्धि

कब और कैसे पढ़ें

ॐ जय जगदीश हरे आरती किसी भी देवी-देवता की पूजा या आरती के अंत में, दीप जलाकर गाई जाती है। प्रातः और संध्या दोनों समय इसका पाठ शुभ माना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ॐ जय जगदीश हरे आरती किसने लिखी?

इस आरती की रचना पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी ने सन् 1870 के आसपास की थी।

ॐ जय जगदीश हरे किस देवता की आरती है?

यह किसी एक देवता की नहीं, बल्कि सर्वव्यापी परमात्मा (जगदीश) की आरती है, इसलिए यह सभी देवी-देवताओं की पूजा में गाई जा सकती है।

ॐ जय जगदीश हरे कब गाई जाती है?

इसे आमतौर पर किसी भी पूजा या आरती के अंत में गाया जाता है।

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