ब्रेकिंग
फिरोजाबाद: मोहन भागवत जिस ट्रेन में सवार थे, उस पर पथराव; संघ प्रमुख सुरक्षितअमेरिका-ईरान तनाव में राहत के संकेत: तेहरान पर हमला टला, 'समझौते' का दावाअमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा: ओमान के पास हमले की रिपोर्ट, भारतीय नाविकों पर चिंताTMC में बगावत गहराई: कल्याण बनर्जी के तीखे तेवर, ममता को लगातार झटकेIND vs AFG: टीम इंडिया की पारी और 300 रन से ऐतिहासिक जीत, बना सबसे बड़ा रिकॉर्डनोएडा सेक्टर-62 सर्विस रोड 10 जून तक बंद: जानें कब खुलेगी और विकल्पफिरोजाबाद: मोहन भागवत जिस ट्रेन में सवार थे, उस पर पथराव; संघ प्रमुख सुरक्षितअमेरिका-ईरान तनाव में राहत के संकेत: तेहरान पर हमला टला, 'समझौते' का दावाअमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा: ओमान के पास हमले की रिपोर्ट, भारतीय नाविकों पर चिंताTMC में बगावत गहराई: कल्याण बनर्जी के तीखे तेवर, ममता को लगातार झटकेIND vs AFG: टीम इंडिया की पारी और 300 रन से ऐतिहासिक जीत, बना सबसे बड़ा रिकॉर्डनोएडा सेक्टर-62 सर्विस रोड 10 जून तक बंद: जानें कब खुलेगी और विकल्प
अपराध

पूर्व PM गुजराल के बेटे से ₹7.80 करोड़ की साइबर ठगी, ₹4 करोड़ फ्रीज़

पूर्व प्रधानमंत्री आई.के. गुजराल के बेटे नरेश गुजराल से ₹7.80 करोड़ की ऑनलाइन ठगी। दिल्ली पुलिस ने करीब ₹4 करोड़ फ्रीज़ किए, जाँच जारी। बचाव कैसे करें।

पूर्व PM गुजराल के बेटे से ₹7.80 करोड़ की साइबर ठगी, ₹4 करोड़ फ्रीज़
नई दिल्ली:

रकम सुनकर अंदाज़ा लगाइए कि जाल कितना बड़ा रहा होगा — ₹7.80 करोड़। ठगी का यह शिकार कोई आम नाम नहीं, बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री आई.के. गुजराल के बेटे नरेश कुमार गुजराल हैं।

पुलिस के मुताबिक यह पूरा मामला ऑनलाइन ठगी का है, जिसमें नरेश गुजराल से करीब ₹7.80 करोड़ ठग लिए गए। शिकायत मिलते ही दिल्ली पुलिस हरकत में आई और रिकवरी की कार्रवाई में अब तक करीब **₹4 करोड़** फ्रीज़ कर दिए गए हैं।

मामले की जाँच जारी है। पुलिस यह खंगाल रही है कि रकम किन-किन खातों से होकर गुज़री और इसके पीछे का नेटवर्क कहाँ तक फैला है। आरोपियों की पहचान और गिरफ़्तारी को लेकर अभी आधिकारिक ब्योरा सामने नहीं आया है।

यह घटना एक सीधा संदेश देती है — साइबर ठग न नाम देखते हैं, न रसूख़। जब इतने हाई-प्रोफ़ाइल शख़्स इनके जाल में आ सकते हैं, तो आम आदमी को और सतर्क रहना होगा।

**बचाव की बुनियादी बातें:**

• किसी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर बैंक डिटेल, OTP या पासवर्ड कभी साझा न करें।

• "डिजिटल अरेस्ट", "जाँच एजेंसी" या "मोटे रिटर्न वाले निवेश" के नाम पर डराने/लुभाने वाली कॉल फ़र्ज़ी होती हैं — कोई असली एजेंसी फ़ोन पर पैसे नहीं माँगती।

• ठगी होते ही बिना देर किए साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएँ। शुरुआती घंटे ही रकम फ्रीज़ कराने में सबसे अहम होते हैं।

जाँच आगे बढ़ने पर तस्वीर और साफ़ होगी।

शेयर करें:WhatsAppXFacebook

टिप्पणियाँ

सबसे पहले अपनी राय दें।